शुक्रवार, 19 जुलाई 2013

मोदी के कुछ तीर



मोदी ने जब तानकर, छोड़ दिए कुछ तीर |  
भन्नाए से घूमते, सुन कर कई   वजीर |
सुन कर कई वजीर, फाड़ते   रोकर  छाती,
बुरका, पप्पी बाँध गले से,  चपर-कनाती |
कहे 'राज' कवि-मित्र, लिए पप्पी को गोदी,
चक्कर में सरकार, मस्त- मुस्काता मोदी |



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