बुधवार, 3 जुलाई 2013

नेपाल



शस्य श्यामला है धरा,  दोनों ओर समान |
कर्म,नस्ल सब एक है,बदली क्यों पहचान |
-०-
भारत भ्राता है बड़ा,  लघु  भ्राता नेपाल |
सांझी जीने की कला, रखते रहे संभाल |
-०-
पूर्व-पुरुष सब एक थे,  रहा एक निज धर्म |
संस्कृति एक समान है,संयोजित हर मर्म |
-०-
ढांचा एक समाज का, रिश्ते तक सब एक |
श्रुति के साथ समान हैं, इतिहासों के लेख |
-०-
नहीं मिली कुछ भिन्नता,अंतरतम अतिरेक  |
रोटी- बेटी  आज भी,   है  हम सब की  एक  |
-०-
अक्षुण रखकर मित्रता, रिश्ते कर मजबूत |
समझें हम इस देश में, हैं स्वदेश के दूत |

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