गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

indo-nepal mahila bal sahittyakar sammelan-2013

प्रेस विज्ञप्ति
              बाल कल्याण एंव बाल साहित्य शोध संस्थान न्यास खटीमा तथा एस.एम.एस.नोजगे
 पब्लिक स्कूल  के संयुक्त तत्वावधान में 09 फरवरी,13 को आयोजित, अपने स.मान सिंह दत्ता
स्मृति सेमिनार - तृतीय इण्डो-नेपाल महिला बाल साहित्यकार सम्मेलन एंव सम्मान समारोह-
2013 विषय-"बाल साहित्य के परिप्रेक्ष्य में महिला बाल साहि.की भूमिका,दशा और दिशा"
का संचालन प्रारम्भ करते हुए न्यास के सीईओ डा.राज सक्सेना ने क्षेत्र में बालसाहित्यिक गति
विधियों की शून्यताके प्रति अपने दायित्वबोध से खटीमा में प्रारम्भ किए गए विश्व के प्रथम प्रयास
की तृतीयपुनरावृति को इनशब्दों में प्रस्तुतकिया- सूर्य अस्तांचल चला पूछा धरा ने ये सवाल, इस
 अंधेरे में रखेगा कौन अब मेरा ख्याल,चुप हैं सब यह देख नन्हे दीप ने उठ कर कहा,
मैं अंधेरे से लड़ूंगा ले के ये नन्ही मशाल | उदघाटन सत्र का औपचारिक उदघाटन मा.पुष्कर
सिंह धामी विधायक(सत्राध्यक्ष) के साथ मुख्य अतिथि प्रज्ञा संस्थान(राष्ट्रीय साहित्य अका-
दमी नेपाल के बालसाहित्य प्रभारी) सदस्य डा.(प्रो)महादेवअवस्थी प्रतिउपकुलपति ने विशिष्ट -
अतिथियों के साथ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्र्ज्ज्वलित करके किया | नोजगे
की कन्याओं द्वारा स्वागतगानोपरान्त संस्था के संरक्षक सुदर्शन वर्मा ने समस्त अतिथियों -
का औपचारिक स्वागत किया | मुख्य अतिथि के साथ नेपाली प्रतिनिधित्व वीर बहादुर चंद
राजेन्द्र रावल तथा हरीश प्रसाद जोशी ने किया | अतिथियों ने इस सम्मेलन की अभिनव
सोच की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता की कामना की | तदोपरान्त रावेन्द्र
कुमार रवि के संचालन में नोजगे और रा. इ.का.चारूबेटा के दस बच्चों ने स्वरचित -
कविताओं का पाठ कर अतिथियों का मन जीत लिया | सत्र के अंत में श्री आरिज अल्वी ने
अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए समापन की घोषणा की |
       द्वितीय मुख्य चर्चा सत्र की अध्यक्षा डा.बीना बुदकी (जम्मू-कश्मीर)तथा मुख्य
अतिथि जस्टिस लीना मेंहदले(सदस्य जज,सीएटी)मुम्बई थीं | विशिष्ट अतिथि के रूप में
मंच पर नोजगे की चेयरपर्सन,सुरेन्द्रकौर थीं जिन्होंने समस्त अतिथियों का औपचारिक
स्वागत किया मंचासीन अन्य वि.अतिथि आभाकुलश्रेष्ठ(राज),सुरिन्दरकौर(पंजाब),डा.पुष्पा
पाल(दिल्ली),डा.बानो सरताज काजी(महा) और मुख्यवक्ता के रूप में उत्तराखण्ड से डा.
प्रभा पन्त,डा.महाश्वेता चतुर्वेदी(उ.प्र.),डा.जुबेदा हाशिम मुल्ला(कर्नाटक),डा.सुनीति-
रावत(हरियाणा) और स्नेहलता लखनऊ मंचासीन थीं | नेपाल का प्रतिनिधित्व मीनापंत,
नारा जोशी,चंद्रकला पंत, निर्मलाभाट और पुष्पा जोशी ने किया | परिचर्चा विषय पर मुख्यवक्ता
डा.प्रभा पंत विभागाध्यक्ष हिन्दी रा.पीजी कालेज हल्द्वानी ने विस्तार से विषय प्रवेश करते
हुए महिला और पुरूष बा.साहित्यकार को नमक और चीनी का उदाहरण देते हुए बालक के
समुचित और समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया |उन्होंने महिला बाल सा.की भूमिका
तथा सामाजिक कठिना इयों के रूप में उनकी दशा और दिशा का भी विवेचन प्रस्तुत किया |
मीरगंज बरेली के पीजी कालेज की हिन्दी विभागाध्यक्ष डा.महाश्वेता चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि
मां ही बच्चे की प्रथम गुरू होती है |नारी  दो रूप प्रथम सृष्टि रूप और द्वितीय अदिति रूप
का प्रयोग करके बच्चे को समग्रता प्रदान करती है |परिवार का श्रेष्ट वातावरण भी बच्चों को
संस्कारित और परिष्कृत करता है |कर्नाटक-हुबली से पधारीं पूर्व प्राचार्य पीजी कालेज डा.
जुबैदा हाशिम मुल्ला ने कहा कि बच्चों के दादा-दादी,माता-पिता,नाना-नानी चाहे साहित्य-
कार न रहे हों फिर सुनी सुनाई लोरी और प्रचलित बाल कहानियों-कविताओं के माध्यम से
वे बच्चों के ज्ञान और संस्कारों की अभिवृद्धि करते रहे हैं |उत्तराखण्ड के महिला आयोग की
अध्यक्षा मा. सुशीला बलूनी ने गिरते मानव मूल्यों और संस्कार के तीव्रता से क्षय पर -
चिन्ता प्रकट करते हुए उनके तीव्रता से उन्नयन की वांछना की |नेपाल का प्रतिनिधित्व
करते हुए सुप्रसिद्ध शिक्षाविद्-साहित्यकार चन्द्रकला पंत ने शिक्षा पुस्तकों से अच्छे पाठ्य-
क्रम की कमी को सामने रखते हुए शिक्षित मां की आवश्यकता और अनिवार्यता को श्रेष्ट-
समाज का मूल बताया |गुड़गांव हरियाणा से पधारीं डा.सुनीति रावत जो सम्पादन के क्षेत्र
में  श्रेष्ट महिला व्यक्तित्व के रूप में उभरीं हैं ने सूर दास के पदों के माध्यम से हिन्दी -
बाल साहित्य की श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए बाल रूचि और मनोविंज्ञान के अनुरूप बाल साहि.
सृजन को उपयुक्त बताया |नार्दन रेलवे में लेखाधिकारी स्नेहलता ने बाल साहित्य की चंहु-
मुखी विवेचना की |पंजाब-जलन्धर से पधारी बीबी सुरिन्दर कौर ने गुरू नानक देव जी के
शब्दों को उद्धध्त करते हुए विषय की विस्तृत विवेचना की |        
                   सत्र का संचालत अत्यन्त आकर्षक रूप से डा.सुनीता चुफाल रतूड़ी एम.
 एस.महिला चिकित्साधिकारी ने करके वाहवाही बटोरी |
तृतीय सम्मान समारोह सत्र में-बाल कल्याण संस्थान और नोजगे पब्लिक स्कूल के संयुक्त
तत्वाधान में सुप्रसिद्ध शिक्षाविद पूर्व उपशिक्षा निदेशक श्री एल.डी.भट् को श्रेष्ट नागरिक -
शिरोमणी सम्मान से सम्मानित किया गया |
डा.बानो सरताज को ग्यारह हजार नकद धनराशि के साथ-स.मान सिंह दत्ता नोजगे श्रेष्ट बाल
 साहित्य शिरोमणी सम्मान-2013,
न्यायमूर्ति लीना मेहेंदले को -स.मान सिंह दत्ता नोजगे बाल साहित्य शिरोमणी सम्मान-2013                                          
 और स.मान सिंह दत्ता नोजगे श्रेष्ट बाल साहित्य रत्न सम्मान-2013-अन्य चयनित
              डा.बीना बुदकी,डा.प्रभा पन्त, डा.महाश्वेता-चतुर्वेदी,
डा.जुबैदा हाशिम मुल्ला, स्नेहलता,सुरिन्दर जीत कौर,डा.सुनीति रावत, आभा कुल्श्रेष्ट  |
सुश्री मीना पन्त,  नारा जोशी चन्द्रकला पन्त,निर्मला भाट,पुष्पा जोशी नेपाल
 को प्रदान किए गए | इसके अतिरिक्त नेपाल से पधारे प्रतिउपकुलपति प्रो.डा.महादेव -
अवस्थी,महाकाली साहित्यसंगम के अध्यक्ष वीर बहादुर चन्द,महामन्त्री-हरिप्रसाद जोशी,
सदस्य-लक्ष्मीदत्त भट्ट और सुप्रसिद्ध नेपाली इतिहासकार राजेन्द्र रावल ,भारतीय़ प्रतिनिधि-
चमनलाल सप्रू और डा.हरिसिंह पाल को शाल और प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया |
नोजगे के प्रधानाचार्य सर्वेश कुमार शर्मा ने अतिथियो का आभार और सत्र समाप्ति की
घोषणा की |
         अंत में सुरिन्दर जीत कौर की अध्यक्षता और डा.बानो सरताज के मुख्यआतिथ्य
में आयोजित कविसम्मेलन में समस्त कवित्रियों ने अपनी हृदयग्राही कविताओं से समस्त -
श्रोताओं का मन मोह लिया | संचालन डा.प्रभा पंत ने किया |
       अगले दिन १० फरवरी को नेपाल के सुदूर पश्चिमांचल के सीमावर्ती शहर महेन्द्र -
नगर में महाकाली साहित्य संगम के तत्वावधान में भारत-नेपाल साहित्य सम्मिलन का
आयोजन किया गया तथा उपरोक्त समस्त बाल साहित्यकारों तथा नोजगे की चेयर पर्सन श्री
मती सुरेन्द्र कौर,डा.सुनीता चुफाल रतूड़ी,डा.लता जोशी और अंजू भट्ट के साथ डा.हरिसिंह
पाल और चमन लाल सप्रू को सम्मानित किया गया |
                                           महेश पोखरिया,पत्रकार-खटीमा-262308

21-10-12


उत्तराखण्ड बालकल्याण एंव बालसाहित्य शोध संस्थान न्यास खटीमा -दिनांक 21.10.12  
 विषय- उत्तराखण्ड में बाल साहित्य का इतिहास, दशा और दिशा |              
 प्रथम सत्र-प्रातः 9=30 पोडियम पर राज सक्सेना- दो शब्दों में स्वागत मंच आपूर्ति आमंत्रण
 अध्यक्षता हेतु-डा.सुभाष वर्मा-प्राचार्य-राज.पी.जी.कालेज पौड़ी |
 मुख्य अतिथि-डा.प्रेम सिंह राणा,विधायक-नानक मत्ता |
 विशिष्ट अतिथि-संचालक मण्डल,श्री एल.डी.भट्ट,पूर्व उपनिदेशक शिक्षा,श्री अरूण सक्सेना,
 अध्यक्ष व्या.मं.,श्री दिग्विजय सिंह,शाखा प्रबन्धक, अ.अ.बैंक,बालक प्रतिनिधि,सी.सि.
 प्रतिनिधि,कै.ठाकुर सिंह खाती - संचालन हेतु            को आमंत्रण |कुल-05 मिनट
 मंच आपूर्ति के पश्चात-मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन हेतु आमंत्रण | -03मिनट
 वक्तव्य हेतु आमंत्रण-औपचारिक स्वागत हेतु श्री हरीश चन्द्र पाण्डे को आमंत्रण |फिर श्री भट्ट,श्री
 सक्सेना,श्री सिंह  को आमंत्रण प्रत्येक 05मिनट कुल 25मिनट |
 मुख्य अतिथि-अध्यक्ष - 10-10मिनट कुल -20 मिनट
 धन्यवाद व समापन घोषणा हेतु-श्री रमेश चौहान-02मिनट कुल-55 मिनट|चाय आमंत्रण-10=30
                              ************
 मुख्य चर्चा सत्र -11=00 से 02=00अप.  पो.पर राजसक्सेना- स्वागत-मंच आपूर्ति हेतु आमंत्रण
 अध्यक्षता-डा.भैंरू लाल गर्ग,पूर्व विभागाध्यक्ष एंव सम्पादक बाल वाटिका भीलवाड़ा |
 मुख्य अतिथि-प्रोफे.डा.डी.एस.पोखरिया,डीन एंव निदेशक महा.वर्मा सृजन पीठ रामगढ |
 मुख्य वक्ता-डा.प्रभा पन्त विभागाध्यक्ष,पी.जी.कालेज हल्द्वानी,
 विशिष्ट अतिथि-श्री उदय किरौला,सम्पादक बाल प्रहरी,डा.नृपेन्द्र पाण्डे,पूर्व विभागाध्यक्ष,डा.
 दिवा भट्ट,डा.जगत सिंह बिष्ट, अल्मोड़ा परिसर,डा.सिद्धेश्वर सिंह विभागाध्यक्ष खटीमा,श्री
शशिभूषण बड़ौनी बा.सा.देहरादून,रावेन्द्र कुमार रवि खटीमा
संस्था का परिचय तथा मंच  संचालन हेतु डा.सुनीता चुफाल रतूड़ी को आंमत्रण-10 मिनट
संचालक द्वारा औपचारिक स्वागत हेतु मै.सुरिन्दर कौर को आमंत्रण -05मिनट
संचालक द्वारा वक्तव्य हेतु मुख्यवक्ता डा.पंत को आमंत्रण -15 मिनट |
संचालक द्वारा वक्तव्य हेतु विशिष्ट अतिथियो को वक्तव्य का सारांश पाठन हेतु आमंत्रण-डा.दिवा
भट्ट,डा.जगत सिंह बिष्ट,डा.सिद्धेश्वर सिंह,श्री शशिभूषण बडौनी,श्री रावेन्द्र कुमार रवि,श्रीमती
नीलिमा श्रीवास्तव, उदय किरौला-70 मिनट
मुख्य अतिथि प्रोफे.पोखरिया को 15मिनट, अघ्यक्षीय भाषण हेतु आमंत्रण -15 मिनट
श्री के.सी.जोशी को धन्यवाद ज्ञापन हेतु आमंत्रण,सत्र समाप्ति की घोषणा,भोजन का आमंत्रण  
                ************
समापन सत्र- अप.02=35  से  03=30         पो-राज सक्सेना मंच आपूर्ति हेतु आमंत्रण
अध्यक्ष-डा.राम निवास मानव,पू.विभागाध्यक्ष हिसार,
मुख्य अतिथि-श्री पुष्कर सिंह धामी,विधायक-खटीमा |
विशिष्ट अतिथि-संरक्षक मण्डल,श्री सतीश गोयल,महामंत्री-व्या.मं.,कै.ठाकुर सिंह खाती
स्वागत हेतु श्री सुदर्शन वर्मा को आमंत्रण |
सम्मान हेतु-श्री सुभाष वर्मा,डा.प्रेम सिंह राणा,डा.भैंरू लाल गर्ग,प्रोफे.डा.डी.एस.पोखरिया,
डा.प्रभा पन्त,श्री उदय किरौला,डा.दिवा भट्ट,डा.जगत सिंह बिष्ट,डा.नृपेन्द्र पाण्डेय,डा.वेद
प्रकाश प्रजापति,डा.शशिभूषण बडौनी,नीलिमा श्रीवास्तव को  आमंत्रण |
विशेष सम्मान 'श्रेष्ट नागरिक शिरोमणी'हेतु श्री ठाकुर सिंह खाती जी को आमंत्रण |
श्री पुष्कर सिंह धामी को सम्मान एंव उदबोधन हेतु आमंत्रण |
डा. राम निवास मानव को सम्मान एंव उदबोधन हेतु आमंत्रण | कुल 50 मिनट |
धन्यवाद हेतु-श्री मती अंजू भट्ट को आमंत्रण,धन्यवाद सत्रसमापन की घोषणा |
राष्ट्रगान | -05 मिनट कुल-55  मिनट |
                   कवि-गोष्ठी  अप.03=35   से  05=35
 अध्यक्षता- रावेन्द्र कुमार रवि   मु.अतिथि-डा.वेदप्रकाश प्रजापति  संचालन-डा.राजसक्सेना
कविगण-डा.रामनिवास मानव, डा.भैंरूलाल गर्ग,डा.प्रभा पन्त,डा.सिद्धेश्वर सिंह,डा.शशिभूषण
बडौनी,डा.मेधा भारती,नीलिमा श्रीवास्तव, अमन मारवाड़ी |
विशेष आकर्षण- बाल कवि सम्मेलन |