गुरुवार, 8 नवंबर 2012

नवल वर्ष का


          नवल वर्ष का
गायें  स्वागत - गीत,हर्ष का |
सुखकर,सुन्दर-धवल वर्ष का |
उन्नति  की ले, आस-उमंगें,
अभिनन्दन-शुभ,नवल वर्ष का |

यश - गंधों से हो, मदमाती |
कल की आगत,धवल प्रभाती |
पूर्ण स्वस्थ तन,रहे दिनोंदिन,
व्याधिहीन-श्रम, श्री हो साथी |

द्वितीय दशक के तृतीय वर्ष का,
अभिनन्दन-शुभ,नवल वर्ष का |

सद इच्छा सब, पूरी  हो कर |
सामाजिक उत्कर्ष, संजो कर |
सुख-समृद्धि,मिले झोली भर,-
पल-छिन सब हितकारी होकर |

मानक बन  कर, रहें  वर्ष का,
अभिनन्दन-शुभ,नवल वर्ष का |

सूरज के सम,शौर्य मिले नित |
हो जाए कुछ काम,न अनुचित |
देव रहें रक्षक, तन - मन के,
जन - सेवा में, रहें समर्पित |

जन-गण-मन के सतत हर्ष का,
अभिनन्दन-शुभ,नवल वर्ष का |

सोमवार, 5 नवंबर 2012

युगल पुष्पांजलि


युगल पुष्पांजलि
        -डा.राज सक्सेना
लग     रही  सजी  पूरी  धरती,
दिपदिप दमकित नभ सारा है |
दुल्हन   चांदी    सी शुभ्र धवल,
दूल्हा   सोने   सा     प्यारा है |

आदम - हव्वा   की यह  जोड़ी,
सीधे   बहिश्त    से   आई है |
आभा -मण्डल  से  दमक रही,
पति - पत्नी  की     तरूणाई है |

नव - जीवन में रख पग दोनों,
अब संग चलेंगे हिलमिल कर |
सुख दुख को   साथ सहेंगे ये,
जीवन के पथ पर हंसहंस कर |

एक नई    इकाई  बनी   आज,
सब करते    हैं सत्कार सबल |
हम भी इस     सुन्दर जोड़े को,
देते      अपना  आशीष  नवल |

है यही  प्रार्थना  हम  सब की,
इनको जनजन का प्यार मिले |
झोली  खुशियों  से   भरी   रहे,
उपहारों     का   अंबार    मिले |