गुरुवार, 10 मई 2012

श्रद्धान्जलि-आनन्दप्रकाश रस्तोगी


 डा.राज सक्सेना                            सम्पर्क-धनवर्षा,हनुमान मन्दिर,
 (डा.राज किशोर सक्सेना)                                               खटीमा-262308 (उ.ख.)
पूर्व जिला परियोजना निदेशक,न.वि.अभिकरण, पिथौरागढ,              फोन-05943252777
पूर्व अधिशासी अधिकारी,मसूरी,                                         मोबा.- 9410718777
पूर्व सहा.नगर आयुक्त नगर निगम देहरादून                                                          -8057320999
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श्रद्धान्जलि-आनन्दप्रकाश रस्तोगी
                                         
युगपुरूष सरीखे धरती से,
सूना जगती को छोड़ गये |
त्रुटियां हम से हो गईं बहुत,
ना क्षमा किया मुखमोड़ गये |

जो शून्य बनाया है तुमने,
वह शून्य रहेगा वैसा  ही |
रच गये धरा पर आप स्वंय,
प्रतिमान सजेगा वैसा ही |

सपने जो देखे थे तुमने,
साकार रूप अब देंगे हम |
जो राह दिखाई थी तुमने,
मंजिल उसकी पा लेंगे हम |

तुम यहां नहीं हो पर मन में,
तुम सदा विराजोगे श्री मन |
लाखों जन तुमको याद करें,
कर गये धरा पर वह श्रीमन |

बस याद हमें भी रखना तुम,
तुम भूल न जाना हम सबको |
छोटे थे तुम से नटखट सम,
कर क्षमा याद रखना  सबको |



       श्रद्धान्जलि
अतिमानव जैसे रहे सदा,
तुम सब पर प्यार लुटाते थे |
जो बैरभाव तुम पर रखते,
उनको भी गले लगाते थे |

जो कुछ था पास तुम्हारे वह्,
सब खुले हाथ बांटा तुमने |
देखी प्रतिभा जिनमें थोड़ी,
गढकर उनको छांटा तुमने |

तुम पूर्ण लगन से लगे रहे,
जन का सौभाग्य बनाने में |
चौपटकर डाला स्वास्थ्य स्वंय,
जन हित के कार्य कराने में |

तुम चले गये उजियारा कर,
यह भूल गये सब तुमसे था |
हम तुममें थे,तुम सबमें थे,
अस्तित्व हमारा तुमसे था |

तुम दूर गगन में बैठे हो,
प्रभु का सानिध्य उठाते हो |
कितने कठोर ईश्वर तुम हो,
अच्छों को प्रथम बुलाते हो |

उठ रहे हजारों हाथ यहां,
गुणगान तुम्हारा गाते हैं |
सब हैं,तुम बीच नहीं सबके,
रो-रोकर तुम्हें बुलाते है |

  सम्पर्क-धनवर्षा,हनुमान मन्दिर
  खटीमा-262308 (उ.ख.)
मो.-9410718777, 805730999

2 टिप्‍पणियां:

  1. कंजूसी कैसी होती है,
    तुमने हम सबको सिखलाया।
    ल्मबी आयु को जिये सभी,
    श्रीमान आपने बतलाया।।

    आप रहे जब तक जीवित,
    कुर्सी का मिथक नहीं तोड़ा।
    अब चले गये परलोक आप,
    यम से अपना नाता जोड़ा।।

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