शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

अटल सम्मान है बेटी


              खुदा की शान है बेटी
                                   डा.राज सक्सेना

पराया कह दिया किसने,हमारी जान है बेटी |
हमारी आंख का मोती,हमारी आन  है बेटी |
लगा देते हैं इज्जत में,हजारों  दाग बेटे पर,
ये इज्जत का खजाना है,बड़ी धनवान है बेटी |
सहा सब सर झुकाये ही,कभी भी उफ नहीं बोली,
बढाती है जो इज्जत को,वही सन्तान है बेटी |
जरुरत है हरएक घर की,बिना इसके अधूरा सब,
ये लक्ष्मी है,ये मीरा है, अजीमुश्शान है बेटी |
कभी मां है,कभी बीबी,कभी कुछ भी नहीं फिर भी,
हमारी हर बुलन्दी की, सही पहचान है बेटी |
ये मेहमां एक घर की है,तो रौनक दूसरे घर की,
उजाला दो घरों का है,कई सम्मान  है बेटी  |
अधूरा हर बशर, इसके बिना पूरा नहीं होता,
कहानी है बशर की तो,सही उनवान है बेटी |
दुआ है ये बुजुर्गों की,अता की है खुदा ने ये,
है नूर-ए-चश्म हम सबकी,घरों की शान है बेटी |

            -धनवर्षा,हनुमानमन्दिर,खटीमा-262308(उ०ख०)
                                         मो- 09410718777






       अटल सम्मान  है बेटी
                                   डा.राज सक्सेना
हमारी आंख का मोती, सुफल- श्रुतिमान है बेटी |
पराया कह दिया किसने, सकल प्रतिप्रान है बेटी |
लगा देते हैं इज्जत में   ,हजारों  दाग बेटे, पर,-
ये इज्जत का खजाना है,धवल प्रतिमान है बेटी |
सहा सब सर झुकाये ही,कभी भी उफ नहीं बोली,
हमारे पूर्व जन्मों का,  नवल प्रतिदान है बेटी |
जरुरत है हरएक घर की,बिना इसके अधूरा सब,
ये लक्ष्मी है,ये मीरा है,  विरल रसखान है बेटी |
कभी मां है,कभी बीबी,कभी कुछ भी नहीं फिर भी,
हमारी हर बुलन्दी की, सबल पहचान है बेटी |
ये मेहमां एक घर की है,तो रौनक दूसरे घर की,
उजाला दो घरों का है, अटल सम्मान  है बेटी |
अधूरा  हर कोई, इसके बिना पूरा नहीं जग में,
कहानी हो किसी की भी,असल उनवान है बेटी |
दुआ  है  ये  बुजुर्गों  की,  प्रभु ने  भेंट  में  दी ये,
है नूर-ए-चश्म हम सबकी,खुदा की शान है बेटी |

            -धनवर्षा,हनुमानमन्दिर,खटीमा-262308(उ०ख०)
                                         मो- 09410718777

     


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