सोमवार, 22 अगस्त 2011

मैं हिन्दी हूं


      मैं हिन्दी हूं
             -डा.राज सक्सेना

मैं हिन्दी हूं,मैं हिन्दी था,रहूंगा मैं सदा हिन्दी |
है हिन्दी ही कथा मेरी,रही हमदम सदा हिन्दी |
नहीं हूं वर्णसंकर मैं, जो बोलूंगा मैं  अंग्रेजी ,
मैं भारत मां का बेटा हूं,मैं बोलूगा सदा हिन्दी |
          -०-
करेगी देश  को  जगमग,मुझे   विश्वास हिन्दी का |
है उत्सव के लिये निश्चित,सितम्बर मास हिन्दी का |
हर एक चौदह सितम्बर को,मनाते हैं हम 'हिन्दी डे',
इसी दिन हम किया करते हैं,तर्पण खास हिन्दी का |
         -०-
मनाते इस तरह से हम, अजब त्योहार हिन्दी का |
इकट्ठे हो लिये, मातम  मना,हर बार हिन्दी का |
बना कर एक खबर भेजी,जहां छपता  है रोजाना ,
फिर अगले दिन पढ़ा करते हैं हम अख्बार हिन्दी का |
        -०-

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