रविवार, 7 अगस्त 2011

उन्नत,उज्ज्वल,उत्तराखण्ड

     उन्नत,उज्ज्वल,उत्तराखण्ड
                   -राज सक्सेना

भरत-भूमि,भव-भूति प्रखण्ड |
उन्नत, उज्ज्वल, उत्तराखण्ड |

सकल-समन्वित,श्रमशुचिताम |
शीर्ष-सुशोभित,  श्रंग-शताम |
विरल-वनस्पति, विश्रुतवैभव,
पावन,पुण्य-प्रसून,  शिवाम |

हरित-हिमालय,हिमनदखण्ड |
उन्नत, उज्ज्वल, उत्तराखण्ड |

नन्दा, नयना,  पंच-प्रयाग |
भक्ति-भरित,भव-भूमिप्रभाग |
अन्न-रत्न आपूरित   आंगन,
तरल-तराई,    तुष्ट्-तड़ाग |

तपोनिष्ठ ,तपभूमि , प्रचण्ड |
उन्नत, उज्ज्वल, उत्तराखण्ड |


गिरिजाघर, श्रुत-श्रेष्ठ  विहार |
कलियर, हेमकुण्ड,  हरिद्वार |
परम-प्रतिष्ठित,चतुष्धाम-मय,
पावन-गंगा,   पुलक-प्रसार |

धीर, धवल-ध्वज,धराप्रखण्ड |
उन्नत, उज्ज्वल, उत्तराखण्ड |


शौर्य, सत्य, शुचिता-संवास |
सर्वधर्म,   समुदाय  समास |
पावन-प्रेम, परस्पर- पूरित,-
मूल सहित, श्रमशील प्रवास |

भ्रातृभाव, भवभक्ति  अखण्ड |
उन्नत, उज्ज्वल, उत्तराखण्ड |

धनवर्षा,हनुमानमन्दिर,खटीमा-२६२३०८  

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