गुरुवार, 21 जुलाई 2011

pradesh geet-3

        प्रदेश गीत 
              - डा. राज सक्सेना

पावन परम , प्रकल्पित खण्ड |
उन्नत ,उज्जवल , उत्तराखण्ड |

सकल समन्वित, श्रम्-शुचिताम |
शीर्ष-सुशोभित् श्रंग-  शिवाम |
विरल-वनस्पति,विश्रुत्-वैभव ,
भरत्-भूमि, भव-भूति,सुधाम |
पावस पर्यावरण, प्रखण्ड |
उन्नत ,उज्जवल , उत्तराखण्ड |

नन्दा,नयना, पंच-प्रयाग |
भक्ति-भरित,भव्-भूतिप्रभाग |
अन्न-रत्न-आपूरित आंगन,
तरल-तराई,तुष्ट -तड़ाग |
मधु-मन्डित,महिमामयखण्ड |
उन्नत ,उज्जवल , उत्तराखण्ड |

श्रेष्ठ-चर्च,श्रुत-श्रेष्ठि-विहार |
कलियर,हेमकुण्ड,हरिद्वार |
परम-प्रतिष्ठित,चतुष्धाममय,
पावन-द्वैनद-पुलक प्रसार |
हिममन्डित, हिमगिरिहिमखण्ड |
उन्नत ,उज्जवल , उत्तराखण्ड |

सर्व-धर्म,समुदाय-निवास |
सत्य,शौर्य,शुचिता-श्रेयास |
पावन-प्रेम,परस्पर पूरित,
मूल सहित, श्रमशीलप्रवास |
भ्रात्रभाव,भवभक्ति अखण्ड |
उन्नत ,उज्जवल , उत्तराखण्ड |
   
    धनवर्षा,हनुमान मन्दिर,
  खटीमा-२६२३०८(उत्तराखण्ड)

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