बुधवार, 27 जुलाई 2011

hindi hai prodyougik bhasha

 विश्व बना है एक ग्राम सा,
एक बने इसकी भाषा  |
विद्यमान हिंदी में यह गुण,
बने प्रोद्यिकी  की भाषा  |

प्रोद्यिकीग्रहण-संप्रेषण क्षमता ,
सबसे ज्यादा  हिंदी में |
पूर्व और इस दौर रचे नौ-,
लाख शब्द हैं ,हिंदी में |

कंप्यूटर की वैज्ञानिक भाषा,
शून्य, एक की है भाषा |
शून्य दिया भारत ने सबको,
हिंदी प्रौद्योगिक है भाषा |

काम करें हिंदी में हम तो ,
कंप्यूटर हिंदी बोलेगा |
हम हिंदी भाषा में खोलें,
तब यह हिंदी ही खोलेगा |

बिशेषज्ञ कुछ जुटे हुए हैं,
सुगठित कोड बनाने को |
रोक नहीं पायेगा कोई,
हिंदी प्रोद्यौगिक बनजाने को |

धनवर्षा, हनुमान मंदिर,
खटीमा-२६२३०८ (उ.ख.)
मो. 09410718777




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