गुरुवार, 9 जून 2011

fiza suhani likh

                 फिजा सुहानी   लिख              
                                                           - राज सक्सेना 

देशभक्त उठ कर भारत की, सही कहानी लिख |
कथा वीरता-परम्परा जो , रही   पुरानी  लिख |
अर्जुन बन गांडीव हाथ ले,रणभूमि में चलकर,
भ्रष्टों को कर नष्ट देश में,   फिजा सुहानी लिख |
दुश्मन की छाती चढ़ कर ही, दुश्मन टूट सकेगा,
मातृभूमि चरणों में बढ़ कर, निज कुर्बानी लिख |
भ्रष्टसोच ने अबतक अपना, जर्जर मुल्क किया है,
भ्रष्टाचारी  सोच  देश से,  करना   फानी    लिख |
मुल्क के दुश्मन गद्दारों ने,किया मुल्क में जो भी,
निर्भय होकर अब इन सब की, हर शैतानी लिख |
समझ रहा कायरता दुश्मन, सहनशक्ति हमसब की,
घर में घुसकर शौर्य शक्ति अब, वहीं दिखानी लिख |
बूढ़े - कापुरुष     हाथ    में ,   सत्ता  चली गयी है,
`राज` हाथ अब सत्ता लेगी,  नई   जवानी   लिख |

                   - धनवर्षा,हनुमान मन्दिर, खटीमा-262308

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