गुरुवार, 2 जून 2011

bhart ki ekta ka shbd hai hindi

           उर्दू गजल का हिंदी अनुवाद 

भारत की एकता का, शब्द है हिंदी |
भाषा सभी की है यही, मित्र है हिंदी |
विश्व में इससे मिष्ट कोई बोली नहीं है,
प्रत्येक हृदय में,गूंजता स्वर है हिंदी |
कोना नहीं है शेष, जहाँ चलती न हो,
स्वप्नों की उन्नति की उड़ान है हिंदी |
उठ कर चली तो फिर कभी पीछे न देखा,
दुनिया की हर भाषा की मुकुट है हिंदी
भाषा के गहनों से भरपूर देश फिर भी,
गहनों में सर्व मान्य है सर्वश्रेष्ठ है हिंदी |
 चन्द्रमा सी हृदयग्राह्य है तारों सी मोतिया,
सबसे अलग स्थान की, शैली है हिंदी |
बहनों की तरह देश में रहती हैं भाषाएँ,
सर पे सजा सबके वही, मुकुट है हिंदी |
हिंदी के सम्मान में, कहने को बहुत है,
प्रत्येक हृदय की प्रिय भाषा`राज`है हिंदी |
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