गुरुवार, 9 जून 2011

badhai hai

                   बधाई है
                                - राज सक्सेना

वो आये हैं तो रंग-ओ-नूर की बारात आई है |
हुआ रौशन जहाँ सारा, ख़ुशी भी साथ आई है |
नहीं पड़ते हमारे पांव, धरती पर जहाँ वालो,
यहाँ उनकी फ़कत आमद, हमारी आशनाई है |
ये लम्हे जो हमारे साथ गुजरेंगे यहाँ उनके,
धरोहरकीमती ज्यों चलकर, यहाँ नौशाद आई है |
जगमग है जहाँ सारा, हुआ माहौल गरिमामय,
ये उनकी शख्शियत है जो,यहाँ दिलशाद आई है |
चुकाएं कर्ज़ ये कैसे, कदम उनके यहाँ आये,
बिना मौसम अभी सबने, यूँ दीवाली मनाई है |
हमें विश्वास इतना है, रहेगा प्यार हम पर ये,
नमन है`राज` हमसबका, हृदयगत हर बधाई है |

                        - हनुमान मन्दिर, खटीमा- 262308

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