रविवार, 26 जून 2011

26nvri

                    छब्बीस जनवरी 
                                   - राज सक्सेना 
भिन्न सभी से, सबसे न्यारा,भारत का गणतन्त्र हमारा |
बना विश्व में श्रेष्ठ सभी से ,  हमें जान से है यह   प्यारा |
२६ जनवरी का स्वर्णिमदिन, लेकर खुशियाँ आया अनगिन,
इस दिन से मुड कर न देखा, करता देश तरक्की प्रति दिन ,
देख रहा विस्मित जग सारा, भारत का गणतन्त्र  हमारा |

अंतिमजन तक किया समर्पित,किया प्रशासन जनको अर्पित,
दलित-शोषितों को नियमों से, मिली शक्तियाँ श्रेष्ठ अकल्पित ,
पहुंची हर घर तक धारा ,   भारत का गणतन्त्र    हमारा  |

हुयी शक्तियाँ संवैधानिक,  लिखित हो गयीं सब अधिकाधिक,
संविधान अति श्रेष्ठ बना कर, संसद से करवाया   पारित ,
जग में ज्यों चमका ,धुर्व - तारा, भारत का गणतन्त्र हमारा |

शासन जन का , जन के द्वारा, है सशक्त प्रतिनिधि हमारा,
नियम बनाना, राज चलाना, उसमें सिमट गया बल सारा ,
शासक-शासन सभी संवारा ,  भारत का गणतन्त्र हमारा |

     - धन वर्षा,हनुमान मन्दिर, खटीमा-262308

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