शनिवार, 30 अप्रैल 2011


नामों में माँ का श्रेष्ठ नाम, स्थान सभी से उंचा है /
माता का धरती पर अब भी,सम्मान सभी से ऊँचा है /

धरती पर आते सर्वप्रथम, हमको जो गले लगाता है,
दुःख-दर्द सभी को भूल प्रथम,चुम्बन करने लग जाता है,
कांटा चुभ जाये हमें कहीं, हम से ज्यादा हो कष्ट उसे,
माँ एक शब्द में सिमट प्रेम,हर जगह अभय दे जाता है /

यह नाम है जो हर संकट में,आता है सबसे पूर्व याद,
संकट हारी,  कल्याण परक , यह ध्यान सभी से ऊँचा है /
माता का धरती पर अब भी,सम्मान सभी से ऊँचा है /  

सुंदर-कुरूप,गंदा जैसा,हर बच्चा उस को प्यारा है,
अपने से ज्यादा समझ उसे,संकट से सदा उबारा है /
प्राणों पर संकट देखा तो, लड़ गयी शेर से बिना शस्त्र ,
रक्षा करने को बच्चों की, मृत्यु को भी ललकारा है /

ईश्वर ने दुनिया में सोंपे, सदनाम भले ही कितने हों,
पर माँ रूपी जो नाम दिया, वरदान सभी से ऊँचा है /  
माता का धरती पर अब भी,सम्मान सभी से ऊँचा है




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